Friday, 1 April 2016

अतिथि शिक्षक बाहर, फिर दिक्कतें

गढ़वाल मंडल में सरकारी माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को शुक्रवार से शुरू होने जा रहे नए शिक्षा सत्र में पहले दिन से ही  शिक्षकों की कमी से जूझना पड़ेगा। इस शिक्षा सत्र की समाप्ति के साथ-साथ इन स्कूलों में तैनात अतिथि शिक्षकों का अनुबंध भी समाप्त हो गया है। ऐसे में फिर शिक्षकों की कमी का संकट गहरा गया है।

गढ़वाल मंडल में संचालित सरकारी माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की कमी पूरा करने लिए कुछ माह पहले अनुबंध पर 89 दिन के लिए अतिथि शिक्षकों की तैनाती की गई थी। इसके तहत गढ़वाल मंडल में प्रवक्ता के रिक्त पदों के सापेक्ष 1872  अतिथि शिक्षक और एलटी शिक्षकों के रिक्त पदों के सापेक्ष 1280 अतिथि शिक्षक तैनात किए गए थे।  इन अतिथि शिक्षकों का अनुबंध इस शिक्षा सत्र की समाप्ति तक था। 31 मार्च को शिक्षा सत्र की समाप्ति के साथ-साथ ही इनका अनुबंध भी समाप्त हो गया है। ऐसे में फिर एक अप्रैल से फिर शिक्षकों की कमी का संकट गहरा गया है। नए शिक्षा सत्र के पहले दिन से इन स्कूलों पढ़ रहे विद्यार्थियों को शिक्षकों की कमी से जूझना पड़ेगा।
यह बात अलग है कि इन स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए एलटी शिक्षकों और प्रवक्ताओं की नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है। इसमें अभी काफी समय लग सकता है। ऐसे में नए शिक्षकों की नियुक्तियां होने तक इनमें शिक्षकों का टोटा बना रहेगा। पौड़ी के जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक हरेराम यादव का कहना है कि जिले में 643 अतिथि शिक्षक तैनात थे। उनका अनुबंध बृहस्पतिवार को समाप्त हो रहा है। इनके जाने से शिक्षण व्यवस्था प्रभावित होना तय है।
राज्यपाल से लगाई पुनर्नियुक्ति की गुहारपौड़ी। राजकीय इंटर कालेज पौड़ी के  शिक्षक-अभिभावक संघ के अध्यक्ष कृष्ण मोहन तड़ियाल ने राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर अतिथि शिक्षकों को पुन: तैनाती देने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि अतिथि शिक्षकों के कार्यमुक्त होने से पठन-पाठन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

अतिथि शिक्षकों के मामले में शासन से अभी कोई दिशा निर्देश नहीं आए हैं। शासन के निर्देशों के अनुसार ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। -रामकृष्ण उनियाल मंडलीय अपर शिक्षा निदेशक गढ़वाल मंडल पौड़ी

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