Friday, 15 April 2016
ब्वॉयफ्रेंड ढूंढने उत्तराखंड आएगी आस्ट्रेलियन युवती
10:54:00
जब ब्रेट ली ने कहा कि मैं क्रिकेट की पिच पर हमेशा तैयारी के साथ गया हूं और अब फिल्म की पिच पर भी तैयारी के साथ जाना चाहता हूं तो हमने उनके लिए सभी जरूरी तैयारी कराई।
यह बातें आस्ट्रेलिया से आए फिल्म ‘अन इंडियन’ के डायरेक्टर और प्रोड्यूसर अनुपम शर्मा ने दून पहुंच कर कहीं। बहुत जल्द ही अनुपम उत्तराखंड में अपनी अगली फिल्म की शूटिंग करने जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि फिल्म में एक आस्ट्रेलियन युवती अपने ब्वॉयफ्रेंड की तलाश में उत्तराखंड पहुंचेगी।

अनुपम शर्मा ने बताया कि सेंट जोजफ्स से स्कूलिंग करने के बाद वह सिडनी चले गए थे। वहीं फिल्म मेकिंग का कोर्स किया और करियर की शुरुआत की। उन्होंने आस्ट्रेलियन क्रिकेटर ब्रेट ली के साथ ‘अन इंडियन’ फिल्म बनाई।
पेट फार्मर को लेकर बनाएंगे अनुपम अगली फिल्म
अनुपम ने बताया कि अब अगली फिल्म पेट फार्मर को लेकर बनाएंगे, जिसमें कश्मीर से कन्याकुमारी तक की दौड़ शामिल है। इसके बाद सिडनी के जाने-माने फिल्म मेकर जॉन विंटर के साथ ‘वन इन ए बिलियन’ फिल्म बनाएंगे।
फिल्म की स्टोरी में एक आस्ट्रेलियन युवती का इंडियन ब्वॉयफ्रेंडगायब हो जाता है। महिला उसे ढूंढने इंडिया आती है। शूटिंग के लिए दून, हरिद्वार, ऋषिकेश, चीला, मसूरी आदि जगहों पर लोकेशन देख ली गई है।
इसमें आस्ट्रेलियन महिला ब्वॉयफ्रेंड की तलाश में उत्तराखंड आएगी। फिल्म में उत्तराखंड के कलाकार भी लिए जाएंगे। महिला के किरदार में आस्ट्रेलियन अभिनेत्री रहेगी। ब्वॉयफ्रेंड की भूमिका के लिए अभिनेता की तलाश है।
यह बातें आस्ट्रेलिया से आए फिल्म ‘अन इंडियन’ के डायरेक्टर और प्रोड्यूसर अनुपम शर्मा ने दून पहुंच कर कहीं। बहुत जल्द ही अनुपम उत्तराखंड में अपनी अगली फिल्म की शूटिंग करने जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि फिल्म में एक आस्ट्रेलियन युवती अपने ब्वॉयफ्रेंड की तलाश में उत्तराखंड पहुंचेगी।
अनुपम शर्मा ने बताया कि सेंट जोजफ्स से स्कूलिंग करने के बाद वह सिडनी चले गए थे। वहीं फिल्म मेकिंग का कोर्स किया और करियर की शुरुआत की। उन्होंने आस्ट्रेलियन क्रिकेटर ब्रेट ली के साथ ‘अन इंडियन’ फिल्म बनाई।
पेट फार्मर को लेकर बनाएंगे अनुपम अगली फिल्म
अनुपम ने बताया कि अब अगली फिल्म पेट फार्मर को लेकर बनाएंगे, जिसमें कश्मीर से कन्याकुमारी तक की दौड़ शामिल है। इसके बाद सिडनी के जाने-माने फिल्म मेकर जॉन विंटर के साथ ‘वन इन ए बिलियन’ फिल्म बनाएंगे।
फिल्म की स्टोरी में एक आस्ट्रेलियन युवती का इंडियन ब्वॉयफ्रेंडगायब हो जाता है। महिला उसे ढूंढने इंडिया आती है। शूटिंग के लिए दून, हरिद्वार, ऋषिकेश, चीला, मसूरी आदि जगहों पर लोकेशन देख ली गई है।
इसमें आस्ट्रेलियन महिला ब्वॉयफ्रेंड की तलाश में उत्तराखंड आएगी। फिल्म में उत्तराखंड के कलाकार भी लिए जाएंगे। महिला के किरदार में आस्ट्रेलियन अभिनेत्री रहेगी। ब्वॉयफ्रेंड की भूमिका के लिए अभिनेता की तलाश है।
बोलियों को सम्मान, जल्द खुलेगी गढ़वाली-कुमाऊंनी एकेडमी
10:37:00
प्रदेश में गढ़वाली और कुमाऊंनी एकेडमी जल्द स्थापित की जाएगी, इसके लिए शासन स्तर पर कवायद शुरू की जा रही है। इससे अपनी बोली को जहां सम्मान मिलेगा, वहीं दोनों बोलियों को भाषा का दर्ज दिलाने के लिए नेताओं पर दबाव भी बढ़ेगा।

मालूम हो कि गढ़राजाओं और चंद शासनकाल में दोनों ही बोलियों को राजभाषा का दर्जा हासिल था। पिछले दिनों शासन ने गढ़वाली, कुमाऊंनी, जौनसारी और रं को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करके सकारात्मक पहल की है।
मैथिली, बोडो और कोकणी से कही अधिक लोग गढ़वाली, कुमाऊंनी बोलते हैं। 1560-1790 ईसवी तक सभी शासकीय कार्य गढ़वाली और कुमाऊंनी भाषा में होते थे। तामपत्रों, शिलालेखों एवं सरकारी दस्तावेजों में इसके अभिलेखीय प्रमाण मौजूद हैं।
सन 1905 में गढ़वाल यूनियन नामक संस्थान से तारादत्त गैरोला और विश्वंभर दत्त चंदोला ने गढ़वाली पत्रिका का संपादन शुरू किया।
गढ़वाली, कुमाऊंनी में लिखे जा चुके हैं ग्रंथ
गढ़वाल सभा के सुयश कुकरेती के मुताबिक देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों में गढ़वाली, कुमाऊंनी भाषा एवं साहित्य पर कई शोध ग्रंथ लिखे जा चुके हैं। सन 1913 में गढ़वाली भाषा का प्रथम समाचार पत्र गढ़वाली प्रकाशित हुआ। इसके अलावा भी इसकी कई साहित्यिक पृष्ठभूमियां हैं, इसके बावजूद गढ़वाली, कुमाऊंनी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल नहीं किया जा सका है।
बोली भाषा को मिलेगा प्रोत्साहन
पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने शासन को गढ़वाली व कुमाऊंनी एकेडमी की स्थापना के निर्देश दिए थे। अपर सचिव बीआर टम्टा ने कहा कि गढ़वाली, कुमाऊंनी एकेडमी की स्थापना के लिए शासन स्तर पर कार्रवाई की जा रही है। यह नियमावली में भी है, इससे स्थानीय बोली भाषा को प्रोत्साहन मिलेगा।
राजभाषा के दर्जे को भी कवायद
दून निवासी मयंक, सुयश कुकरेती व संदीप भट्ट की ओर से आरटीआई के तहत शासन से मांगी सूचना में अपर सचिव बीआर टम्टा ने कहा कि हिंदी उत्तराखंड की राजभाषा एवं संस्कृति द्वितीय राजभाषा है। गढ़वाली और कुमाऊंनी को भी राज भाषा का दर्जा दिलाने के लिए कोशिश की जा रही है।
मालूम हो कि गढ़राजाओं और चंद शासनकाल में दोनों ही बोलियों को राजभाषा का दर्जा हासिल था। पिछले दिनों शासन ने गढ़वाली, कुमाऊंनी, जौनसारी और रं को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करके सकारात्मक पहल की है।
मैथिली, बोडो और कोकणी से कही अधिक लोग गढ़वाली, कुमाऊंनी बोलते हैं। 1560-1790 ईसवी तक सभी शासकीय कार्य गढ़वाली और कुमाऊंनी भाषा में होते थे। तामपत्रों, शिलालेखों एवं सरकारी दस्तावेजों में इसके अभिलेखीय प्रमाण मौजूद हैं।
सन 1905 में गढ़वाल यूनियन नामक संस्थान से तारादत्त गैरोला और विश्वंभर दत्त चंदोला ने गढ़वाली पत्रिका का संपादन शुरू किया।
गढ़वाली, कुमाऊंनी में लिखे जा चुके हैं ग्रंथ
गढ़वाल सभा के सुयश कुकरेती के मुताबिक देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों में गढ़वाली, कुमाऊंनी भाषा एवं साहित्य पर कई शोध ग्रंथ लिखे जा चुके हैं। सन 1913 में गढ़वाली भाषा का प्रथम समाचार पत्र गढ़वाली प्रकाशित हुआ। इसके अलावा भी इसकी कई साहित्यिक पृष्ठभूमियां हैं, इसके बावजूद गढ़वाली, कुमाऊंनी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल नहीं किया जा सका है।
बोली भाषा को मिलेगा प्रोत्साहन
पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने शासन को गढ़वाली व कुमाऊंनी एकेडमी की स्थापना के निर्देश दिए थे। अपर सचिव बीआर टम्टा ने कहा कि गढ़वाली, कुमाऊंनी एकेडमी की स्थापना के लिए शासन स्तर पर कार्रवाई की जा रही है। यह नियमावली में भी है, इससे स्थानीय बोली भाषा को प्रोत्साहन मिलेगा।
राजभाषा के दर्जे को भी कवायद
दून निवासी मयंक, सुयश कुकरेती व संदीप भट्ट की ओर से आरटीआई के तहत शासन से मांगी सूचना में अपर सचिव बीआर टम्टा ने कहा कि हिंदी उत्तराखंड की राजभाषा एवं संस्कृति द्वितीय राजभाषा है। गढ़वाली और कुमाऊंनी को भी राज भाषा का दर्जा दिलाने के लिए कोशिश की जा रही है।
Tuesday, 12 April 2016
दिल्ली से सीधे खाते में पहुंचेगी मनरेगा मजदूरी
10:31:00
मनरेगा मजदूरी में घपलेबाजी रोकने के लिए केंद्र ने नेशनल इलेक्ट्रॉनिक्स फंड मैनेजमेंट सिस्टम (एनईएफएमएस) लागू कर दिया है। इसके तहत अब केंद्र सरकार सीधे जॉबकार्ड धारकों के खाते में मजदूरी का पैसा डालेगी। पहले चरण में उत्तराखंड-यूपी समेत 11 राज्यों में इस सिस्टम को लागू किया गया है।

अब राज्य और जिलास्तर के अधिकारियों के हाथ में मनरेगा संबंधी लेनदेन का अधिकार नहीं रह गया है। नई वित्तीय प्रणाली लागू करने के साथ ही केंद्र ने उत्तराखंड के जॉबकार्ड धारकों के खाते में 141.88 करोड़ की पहली किस्त भी जारी की है।
नहीं लगाने पड़ेगे अब विभाग के चक्कर
पहले तक मनरेगा की मजदूरी का पैसा केंद्र सरकार राज्य के खाते डालती था। राज्य सरकार की ओर से जिला प्रशासन और प्रशासन की ओर से पंचायतों को पैसा भेजा जाता था। लेकिन कई राज्यों में शिकायतें मिल रही थी कि मनरेगा मजदूरी में बड़े पैमाने पर घपलेबाजी हो रही है।
इसको देखते हुए अब केंद्र सरकार ने नेशनल इलेक्ट्रॉनिक्स फंड मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया है। प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास मनीषा पंवार के मुताबिक बजट राज्य सरकार को न देकर केंद्र सरकार लाभार्थी के बैंक खाते में भेजेगी।
इससे जहां योजना में और पारदर्शिता लाई जा सकेगी, वहीं जॉबकार्ड धारकों को अपनी मजदूरी के लिए ग्राम्य विकास विभाग के अफसरों के चक्कर नहीं लगाने होंगे।
अब राज्य और जिलास्तर के अधिकारियों के हाथ में मनरेगा संबंधी लेनदेन का अधिकार नहीं रह गया है। नई वित्तीय प्रणाली लागू करने के साथ ही केंद्र ने उत्तराखंड के जॉबकार्ड धारकों के खाते में 141.88 करोड़ की पहली किस्त भी जारी की है।
नहीं लगाने पड़ेगे अब विभाग के चक्कर
पहले तक मनरेगा की मजदूरी का पैसा केंद्र सरकार राज्य के खाते डालती था। राज्य सरकार की ओर से जिला प्रशासन और प्रशासन की ओर से पंचायतों को पैसा भेजा जाता था। लेकिन कई राज्यों में शिकायतें मिल रही थी कि मनरेगा मजदूरी में बड़े पैमाने पर घपलेबाजी हो रही है।
इसको देखते हुए अब केंद्र सरकार ने नेशनल इलेक्ट्रॉनिक्स फंड मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया है। प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास मनीषा पंवार के मुताबिक बजट राज्य सरकार को न देकर केंद्र सरकार लाभार्थी के बैंक खाते में भेजेगी।
इससे जहां योजना में और पारदर्शिता लाई जा सकेगी, वहीं जॉबकार्ड धारकों को अपनी मजदूरी के लिए ग्राम्य विकास विभाग के अफसरों के चक्कर नहीं लगाने होंगे।
खुशखबरी: दस दिन में 2700 से अधिक युवाओं को मिलेगी नौकरी
10:25:00
प्रदेश में वर्षों से शिक्षक बनने का सपना संजोए युवाओं के लिए खुशखबरी है। सहायक अध्यापक एलटी के 2700 से अधिक अभ्यर्थियों को दस दिन के भीतर नियुक्ति दी जाएगी। सोमवार को शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में राज्यपाल डा. केके पॉल ने विभागीय अधिकारियों को इसके निर्देश दिए।

वही प्राविधिक शिक्षा परिषद रुड़की को परीक्षाफल शीघ्र घोषित करने के लिए कहा गया है। अमर उजाला ने नौ अप्रैल को एलटी सहायक अध्यापक के पदों पर नियुक्ति की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
एलटी के 3089 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू
प्रदेश में 24 फरवरी 2014 को सहायक अध्यापक एलटी के 3089 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई। इसकी विज्ञप्ति जारी होने के एक साल बाद 29 मार्च 2015 को प्राविधिक शिक्षा परिषद की ओर से इसकी परीक्षा कराई गई, लेकिन उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों को नौकरी में क्षैतिज आरक्षण के मसले पर कुछ अभ्यर्थियों के कोर्ट में जाने से परीक्षा परिणाम घोषित नहीं हो पाया।
इस पर एलटी अभ्यर्थियों की याचिका पर हाईकोर्ट ने 16 नवंबर 2015 को 90 फीसदी परीक्षा परिणाम घोषित करने के आदेश दिए, लेकिन हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद प्राविधिक शिक्षा परिषद की ओर से परिणाम घोषित नहीं किया गया।
राज्यपाल डा. केके पॉल ने विभाग की समीक्षा बैठक में हाईकोर्ट के आदेशानुसार 90 फीसदी पदों पर दस दिन के भीतर नियुक्ति के निर्देश दिए हैं। शिक्षा सचिव डी सेंथिल पांडियन ने कहा कि अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा की ओर से प्राविधिक शिक्षा परिषद को परीक्षाफल घोषित करने के लिए लिखा गया है।
वही प्राविधिक शिक्षा परिषद रुड़की को परीक्षाफल शीघ्र घोषित करने के लिए कहा गया है। अमर उजाला ने नौ अप्रैल को एलटी सहायक अध्यापक के पदों पर नियुक्ति की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
एलटी के 3089 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू
प्रदेश में 24 फरवरी 2014 को सहायक अध्यापक एलटी के 3089 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई। इसकी विज्ञप्ति जारी होने के एक साल बाद 29 मार्च 2015 को प्राविधिक शिक्षा परिषद की ओर से इसकी परीक्षा कराई गई, लेकिन उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों को नौकरी में क्षैतिज आरक्षण के मसले पर कुछ अभ्यर्थियों के कोर्ट में जाने से परीक्षा परिणाम घोषित नहीं हो पाया।
इस पर एलटी अभ्यर्थियों की याचिका पर हाईकोर्ट ने 16 नवंबर 2015 को 90 फीसदी परीक्षा परिणाम घोषित करने के आदेश दिए, लेकिन हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद प्राविधिक शिक्षा परिषद की ओर से परिणाम घोषित नहीं किया गया।
राज्यपाल डा. केके पॉल ने विभाग की समीक्षा बैठक में हाईकोर्ट के आदेशानुसार 90 फीसदी पदों पर दस दिन के भीतर नियुक्ति के निर्देश दिए हैं। शिक्षा सचिव डी सेंथिल पांडियन ने कहा कि अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा की ओर से प्राविधिक शिक्षा परिषद को परीक्षाफल घोषित करने के लिए लिखा गया है।
20 हजार रिश्वत लेते मंडी सचिव रंगे हाथ हुआ गिरफ्तार
10:24:00
एसडीएम के आदेश का पालन करवाने के नाम पर आढ़ती से मांगी थी रिश्वत।
विजिलेंस टीम ने रंगेहाथ किया गिरफ्तार।
आढ़ती से 20 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए मंडी समिति के सचिव ऋषिपाल सिंह को विजिलेंस टीम ने रंगेहाथ दबोचा है। मंडी में एक दुकान को लेकर परिवार के दो पक्षों में चल रहे विवाद के संबंध में एसडीएम रुड़की के आदेश का पालन करवाने के नाम पर आढ़ती से रिश्वत मांगी गई थी। विजिलेंस टीम देर रात तक आरोपी सचिव से पूछताछ कर रही थी।
शहर के साकेत मोहल्ला निवासी आढ़ती संजीव ग्रोवर का अपने परिवार में ही एक पक्ष से मंडी में दुकान नंबर बी-12 को लेकर विवाद चल रहा है। मामले में एसडीएम रुड़की की ओर से एक पक्ष के हक में फैसला दे दिया गया था।
आरोप है कि इस आदेश का पालन करवाने की एवज में मंडी समिति सचिव ऋषिपाल सिंह ने संजीव ग्रोवर से 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई। मोलभाव होने पर सचिव 20 हजार रुपये लेने को राजी हो गया। उसके बाद आढ़ती संजीव ग्रोवर ने इसकी शिकायत विजिलेंस अधिकारियों से कर दी। विजिलेंस टीम ने आरोपी को दबोचने के लिए योजना बनाई।
रुपये पकड़ते ही विजिलेंस ने दबोच लिया

योजना के तहत सोमवार शाम शिकायतकर्ता संजीव ग्रोवर 20 हजार रुपये लेकर मंडी समिति सचिव के दफ्तर पहुंचे। जैसे ही शिकायतकर्ता ने पाउडर लगे नोट मंडी समिति सचिव को थमाए। वैसे ही विजिलेंस टीम ने आरोपी को दबोच लिया।
देर रात तक मंडी समिति कार्यालय के बंद कमरे में आरोपी मंडी सचिव से विजिलेंस टीम पूछताछ करती रही। टीम में शामिल विजिलेंस के इंस्पेक्टर जयमल सिंह नेगी ने बताया कि आरोपी मंडी समिति सचिव ऋषिपाल सिंह जीएमएस रोड, निरंजनपुर, देहरादून का रहने वाला है।
चेयरमैन का मोबाइल भी बंद
मंडी समिति में विजिलेंस की दबिश पड़ते ही इसकी भनक मीडिया कर्मियों को लग गई। टीम ने दफ्तर का दरवाजा बंद कर शिकायतकर्ता की मौजूदगी में आरोपी से पूछताछ शुरू कर दी। मामले की जानकारी के लिए मंडी समिति चेयरमैन प्रमोद जौहर के फोन घनघनाने लगे। इसके बाद रात करीब सवा आठ बजे चेयरमैन प्रमोद जौहर का मोबाइल ऑफ हो गया।
विजिलेंस टीम ने रंगेहाथ किया गिरफ्तार।
आढ़ती से 20 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए मंडी समिति के सचिव ऋषिपाल सिंह को विजिलेंस टीम ने रंगेहाथ दबोचा है। मंडी में एक दुकान को लेकर परिवार के दो पक्षों में चल रहे विवाद के संबंध में एसडीएम रुड़की के आदेश का पालन करवाने के नाम पर आढ़ती से रिश्वत मांगी गई थी। विजिलेंस टीम देर रात तक आरोपी सचिव से पूछताछ कर रही थी।
शहर के साकेत मोहल्ला निवासी आढ़ती संजीव ग्रोवर का अपने परिवार में ही एक पक्ष से मंडी में दुकान नंबर बी-12 को लेकर विवाद चल रहा है। मामले में एसडीएम रुड़की की ओर से एक पक्ष के हक में फैसला दे दिया गया था।
आरोप है कि इस आदेश का पालन करवाने की एवज में मंडी समिति सचिव ऋषिपाल सिंह ने संजीव ग्रोवर से 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई। मोलभाव होने पर सचिव 20 हजार रुपये लेने को राजी हो गया। उसके बाद आढ़ती संजीव ग्रोवर ने इसकी शिकायत विजिलेंस अधिकारियों से कर दी। विजिलेंस टीम ने आरोपी को दबोचने के लिए योजना बनाई।
रुपये पकड़ते ही विजिलेंस ने दबोच लिया
योजना के तहत सोमवार शाम शिकायतकर्ता संजीव ग्रोवर 20 हजार रुपये लेकर मंडी समिति सचिव के दफ्तर पहुंचे। जैसे ही शिकायतकर्ता ने पाउडर लगे नोट मंडी समिति सचिव को थमाए। वैसे ही विजिलेंस टीम ने आरोपी को दबोच लिया।
देर रात तक मंडी समिति कार्यालय के बंद कमरे में आरोपी मंडी सचिव से विजिलेंस टीम पूछताछ करती रही। टीम में शामिल विजिलेंस के इंस्पेक्टर जयमल सिंह नेगी ने बताया कि आरोपी मंडी समिति सचिव ऋषिपाल सिंह जीएमएस रोड, निरंजनपुर, देहरादून का रहने वाला है।
चेयरमैन का मोबाइल भी बंद
मंडी समिति में विजिलेंस की दबिश पड़ते ही इसकी भनक मीडिया कर्मियों को लग गई। टीम ने दफ्तर का दरवाजा बंद कर शिकायतकर्ता की मौजूदगी में आरोपी से पूछताछ शुरू कर दी। मामले की जानकारी के लिए मंडी समिति चेयरमैन प्रमोद जौहर के फोन घनघनाने लगे। इसके बाद रात करीब सवा आठ बजे चेयरमैन प्रमोद जौहर का मोबाइल ऑफ हो गया।
प्रो. नागेश्वर राव उत्तराखंड मुक्त विवि के नए कुलपति
10:22:00
राज्यपाल डॉ. कृष्णकांत पाल ने प्रो. नागेश्वर राव को उत्तराखंड विवि का नया कुलपति नियुक्त किया है। इससे पूर्व प्रो. राव इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय नई दिल्ली के प्रभारी कुलपति का दायित्य संभाल रहे थे। प्रो. राव को कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से अगले तीन वर्ष अथवा अधिवर्षता आयु पूर्ण होने जो भी पहले हो, उस अवधि के लिए कुलपति की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

11 फरवरी 1657 में जन्में प्रो नागेश्वर राव इलाहाबाद विवि से एम. काम और डीफिल डिग्री लेने के बाद कई विवि में अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
पहले यहां थे कुलपति
प्रो. राव राजर्षि टंडन मुक्त विवि इलाहाबाद के कुलपति का दायित्व संभालने के साथ ही विक्रम विवि उज्जैन से संबद्ध पंडित जवाहर लाल नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट में निदेशक, विक्रम विवि उज्जैन के ही फैकल्टी ऑफ इंफार्मेशन टेक्नोलॉजी के डीन समेत कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं।
इसके अलावा प्रो. राव मोहनलाल सुखाडिया़ विवि उदयपुर, जिवाजी विवि ग्वालियर, बीएचयू, इलाहाबाद विवि, कानपुर विवि, गोरखपुर विवि, बुंदेलखड़ विवि समेत कई विवि में अपनी शैक्षिक सेवाएं दे चुके हैं। प्रो. राव के शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए उत्तर प्रदेश सरकार उन्हें सरस्वती सम्मान से भी सम्मानित कर चुकी है। इसके अलावा उन्हें प्रो. बीबीएल सक्सेना स्मृति हिंदी सेवा सम्मान भी प्रदान किया जा चुका है।
11 फरवरी 1657 में जन्में प्रो नागेश्वर राव इलाहाबाद विवि से एम. काम और डीफिल डिग्री लेने के बाद कई विवि में अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
पहले यहां थे कुलपति
प्रो. राव राजर्षि टंडन मुक्त विवि इलाहाबाद के कुलपति का दायित्व संभालने के साथ ही विक्रम विवि उज्जैन से संबद्ध पंडित जवाहर लाल नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट में निदेशक, विक्रम विवि उज्जैन के ही फैकल्टी ऑफ इंफार्मेशन टेक्नोलॉजी के डीन समेत कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं।
इसके अलावा प्रो. राव मोहनलाल सुखाडिया़ विवि उदयपुर, जिवाजी विवि ग्वालियर, बीएचयू, इलाहाबाद विवि, कानपुर विवि, गोरखपुर विवि, बुंदेलखड़ विवि समेत कई विवि में अपनी शैक्षिक सेवाएं दे चुके हैं। प्रो. राव के शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए उत्तर प्रदेश सरकार उन्हें सरस्वती सम्मान से भी सम्मानित कर चुकी है। इसके अलावा उन्हें प्रो. बीबीएल सक्सेना स्मृति हिंदी सेवा सम्मान भी प्रदान किया जा चुका है।
फ्लाइट में गर्मी से गई कुत्तों की जान, एयरवेज की बढ़ी मुश्किल
10:21:00
- अमेरिका से लाए गए सेंट बर्नाड नस्ल के दो कुत्तों की मौत का मामला
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह बना गर्मी से आया हार्ट अटैक
- डॉगी के मालिक जेट एयरवेज के खिलाफ मुकदमे की कर रहे तैयारी
अमेरिका से लाए गए सेंट बर्नाड नस्ल के दो कुत्तों की मौत जेट एयरवेज की फ्लाइट में गर्मी के कारण आए हार्ट अटैक से हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह बात साबित होने के बाद कोतवाली निरीक्षक ने एसएसपी से मंत्रणा की है।
पुलिस जेट एयरवेज के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज करने के लिए माथापच्ची कर रही है। उत्तराखंड में अपने तरह का यह पहला मामला होगा। उधर इंस्पेक्टर पंकज गैरोला ने बताया कि जल्द ही तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल की जाएगी।
अमेरिका से जौलीग्रांट लाए गए दो सेंट बर्नाड की मौत की यह घटना तीन अप्रैल की है। इंदिरा नगर निवासी विशाल सेठी यूएसए से दो सेंट बर्नाड लेकर पहले मुंबई आए। मुंबई से जेट एयरवेज की फ्लाइट में जॉलीग्रांट पहुंचे। यहां पर विदेशी नस्ल के कुत्तों को उतारा गया तो उनकी मौत हो चुकी थी।
जानकारों के मुताबिक दोनों की कीमत करीब तीन से चार लाख के बीच होगी। अगर इसमें फ्लाइट का किराया जोड़ दिया जाए तो यह रकम पांच से साढ़े पांच लाख बैठती है। लाखों रुपये की कीमत के इन डॉगी की मौत से नाराज विशाल ने फ्लाइट कंपनी से नाराजगी जताई थी।
सोमवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह गर्मी के चलते हार्टअटैक पता चलने पर फ्लाइट कंपनी के खिलाफ केस करने की तैयार कर रहे हैं। वहीं डॉक्टरों का भी मानना है कि उनकी मौत ज्यादा गर्मी के चलते हुए हार्ट अटैक से हुई है। डोईवाला इंस्पेक्टर पंकज गैरोला ने पीएम रिपोर्ट को लेकर एसएसपी डा सदानंद दाते से चर्चा की। पुलिस इस बारे में कानूनी राय मशविरा भी ले रही है।
यह है सेंट बर्नार्ड की खासियत
सेंट बर्नार्ड बुद्धिमान मेहनती, शांत और आमतौर पर दोस्ताना व्यवहार करने वाला डॉग है। अपने सूंघने की क्षमता और गहरी समझ की वजह से सेंट बर्नार्ड किसान के मददगार के अलावा खोज और बचाव कार्य के लिए बेहद मुफीद माने जाते हैं।
सजा और जुर्माना भी हो सकता है
दिल्ली से दून हवाई जहाज से लाए जा रहे कुत्तों की मौत का मामला पशु क्रूरता और लापरवाही का मामला है। अधिवक्ता मनोज मल्होत्रा के मुताबिक मामले में एयरलाइंस मालिक को जुर्माना और सजा दोनों हो सकती है। वहीं इस मामले को उपभोक्ता फोरम में भी क्षतिपूर्ति के लिए लाया जा सकता है। अधिवक्ता एमएस पंत बताते हैं कि पशु की हत्या का मामला है।
सेंट बर्नार्ड बुद्धिमान मेहनती, शांत और आमतौर पर दोस्ताना व्यवहार करने वाला डॉग है। अपने सूंघने की क्षमता और गहरी समझ की वजह से सेंट बर्नार्ड किसान के मददगार के अलावा खोज और बचाव कार्य के लिए बेहद मुफीद माने जाते हैं।
सजा और जुर्माना भी हो सकता है
दिल्ली से दून हवाई जहाज से लाए जा रहे कुत्तों की मौत का मामला पशु क्रूरता और लापरवाही का मामला है। अधिवक्ता मनोज मल्होत्रा के मुताबिक मामले में एयरलाइंस मालिक को जुर्माना और सजा दोनों हो सकती है। वहीं इस मामले को उपभोक्ता फोरम में भी क्षतिपूर्ति के लिए लाया जा सकता है। अधिवक्ता एमएस पंत बताते हैं कि पशु की हत्या का मामला है।
उत्तराखंड के बाशिंदों को 'महंगी' पड़ेगी ऑनलाइन शॉपिंग
10:18:00
उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन के बीच ऑनलाइन शॉपिंग पर टैक्स विधेयक को राज्यपाल की मंजूरी मिल गई है।
बजट सत्र के दौरान 16 मार्च को उत्तराखंड में मॉल के स्थानीय क्षेत्रों में प्रवेश कर (2008) के संशोधन विधेयक के अंतर्गत पारित किए गए विधेयक के तहत ऑनलाइन शॉपिंग पर टैक्स की व्यवस्था की गई थी। मंजूरी के बाद इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई है।
ऑनलाइन शॉपिंग पर करीब दस प्रतिशत टैक्स का प्रावधान पूर्व में हरीश रावत ने कैबिनेट फैसले के जरिये किया था। इसके लिए नियमावली भी तैयार की गई थी। नौ मार्च से शुरू हुए बजट सत्र में उस समय हरीश रावत की सरकार ने इसे सदन के पटल पर भी रखा था। 16 मार्च को यह विधेयक बिना चर्चा के पारित हो गया था।
अब राजभवन की मंजूरी के बाद इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई है। ऑनलाइन शॉपिंग पर टैक्स लगाने के लिए तत्कालीन प्रदेश सरकार ने किसी नए टैक्स को लाने की बजाय प्रवेश कर में ही ई-कॉमर्स पर कर की व्यवस्था की थी।
बजट सत्र के दौरान 16 मार्च को उत्तराखंड में मॉल के स्थानीय क्षेत्रों में प्रवेश कर (2008) के संशोधन विधेयक के अंतर्गत पारित किए गए विधेयक के तहत ऑनलाइन शॉपिंग पर टैक्स की व्यवस्था की गई थी। मंजूरी के बाद इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई है।
ऑनलाइन शॉपिंग पर करीब दस प्रतिशत टैक्स का प्रावधान पूर्व में हरीश रावत ने कैबिनेट फैसले के जरिये किया था। इसके लिए नियमावली भी तैयार की गई थी। नौ मार्च से शुरू हुए बजट सत्र में उस समय हरीश रावत की सरकार ने इसे सदन के पटल पर भी रखा था। 16 मार्च को यह विधेयक बिना चर्चा के पारित हो गया था।
अब राजभवन की मंजूरी के बाद इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई है। ऑनलाइन शॉपिंग पर टैक्स लगाने के लिए तत्कालीन प्रदेश सरकार ने किसी नए टैक्स को लाने की बजाय प्रवेश कर में ही ई-कॉमर्स पर कर की व्यवस्था की थी।
अवैध खनन से खो जाती है भुली की हंसी
10:16:00
अवैध खनन के चलते भुली (छोटी बहन) की हंसी कहीं खो जाती है। भुली को खुशियां देने के लिए भाई हर तरह का प्रयास करता है। गढ़वाली फिल्म ‘भुली ए भुली’ 29 अप्रैल को दून के प्रभात सिनेमा में रिलीज हो रही है। फिल्म 18 मार्च को मुंबई में रिलीज हो चुकी है।
फिल्म के निर्देशक नरेश खन्ना हैं। फिल्म वैष्णवी मोशन पिक्चर के बैनर तले बनाई गई है। नरेश ने बताया कि फिल्म ‘भुली ए भुली’ भाई-बहन की कहानी पर आधारित है। फिल्म में अवैध खनन से होने वाले नुकसान को उजागर किया गया है।
फिल्म में दिखाया गया है कि किस तरह से अवैध खनन की वजह से एक भाई की बहन की खुशियों की बलि चढ़ जाती है। फिल्म की शूटिंग चोपता, तुंगनाथ, रुद्रप्रयाग, धारी देवी, कुंजापुरी आदि जगहों पर हुई है। फिल्म दून के बाद हरिद्वार, ऋषिकेश आदि जगहों पर दिखाई जाएगी। जहां थियेटर नहीं हैं, वहां गांव-गांव घूमकर प्रोजेक्टर से फिल्म का प्रसारण किया जाएगा।
नरेश खन्ना यह फिल्में बना चुके
बंटवारु - वर्ष 1992 में
चक्रचाल - वर्ष 1996 में
सुबेरो घाम - वर्ष 2014 में
फिल्म में रोल
भाई की भूमिका में - बलदेव राणा
बहन - प्रियंका रावत
बहन के पति - अतुल रावत
भाभी - गीता उनियाल
गीत - विक्रम कप्रवाण
संगीत - संजय कुमोला
गायक - मीना राणा, साहब सिंह, ऊषा, माया, मास्टर करन
संवाद - गणेश वीरान
फोटोग्राफी - मनोहर सती

फिल्म के निर्देशक नरेश खन्ना हैं। फिल्म वैष्णवी मोशन पिक्चर के बैनर तले बनाई गई है। नरेश ने बताया कि फिल्म ‘भुली ए भुली’ भाई-बहन की कहानी पर आधारित है। फिल्म में अवैध खनन से होने वाले नुकसान को उजागर किया गया है।
फिल्म में दिखाया गया है कि किस तरह से अवैध खनन की वजह से एक भाई की बहन की खुशियों की बलि चढ़ जाती है। फिल्म की शूटिंग चोपता, तुंगनाथ, रुद्रप्रयाग, धारी देवी, कुंजापुरी आदि जगहों पर हुई है। फिल्म दून के बाद हरिद्वार, ऋषिकेश आदि जगहों पर दिखाई जाएगी। जहां थियेटर नहीं हैं, वहां गांव-गांव घूमकर प्रोजेक्टर से फिल्म का प्रसारण किया जाएगा।
नरेश खन्ना यह फिल्में बना चुके
बंटवारु - वर्ष 1992 में
चक्रचाल - वर्ष 1996 में
सुबेरो घाम - वर्ष 2014 में
फिल्म में रोल
भाई की भूमिका में - बलदेव राणा
बहन - प्रियंका रावत
बहन के पति - अतुल रावत
भाभी - गीता उनियाल
गीत - विक्रम कप्रवाण
संगीत - संजय कुमोला
गायक - मीना राणा, साहब सिंह, ऊषा, माया, मास्टर करन
संवाद - गणेश वीरान
फोटोग्राफी - मनोहर सती
केदारनाथ आपदा पर बनेगी फिल्म, मुंबई से पहुंची टीम
10:14:00
जून 2013 में आई केदारनाथ आपदा का दर्द बयां करती फिल्म बनने जा रही है। आपदा में सकुशल बचे दिल्ली के एक दंपति से आंखों देखा हाल जानने के बाद फिल्म बनाई जा रही है, हालांकि इसकी शूटिंग बरसात में ही होगी, ताकि आपदा के समय की कुछ वैसी ही स्थिति दिखाई जा सके।

कई टीवी शो में अभिनय कर चुके वृदम कुमार सोमवार को फिल्म के लिए लोकेशन देखने मुंबई से यहां पहुंचे। चिड़ियाघर में चिंटू का किरदार, अदालत, सावधान इंडिया, साडा हक आदि शो में काम कर चुके वृदम ने बताया कि फिल्म के क्रिएटिव प्रोड्यूसर और डायरेक्टर दीपक मिश्रा होंगे।
बताया कि आपदा में फंसे दिल्ली के दंपति से बात की तो उन्होंने आपदा का वह भयानक मंजर बयां किया। कैसे वे लोग यहां से निकले और उन्होंने अनुभव भी शेयर किया। इसी को लेकर फिल्म बनाई जा रही है। फिल्म में मुख्य भूमिका में वृदम दिखेंगे। हीरोइन की तलाश की जा रही है। बताया कि फिल्म की शूटिंग जून के अंतिम माह से होग!
कई टीवी शो में अभिनय कर चुके वृदम कुमार सोमवार को फिल्म के लिए लोकेशन देखने मुंबई से यहां पहुंचे। चिड़ियाघर में चिंटू का किरदार, अदालत, सावधान इंडिया, साडा हक आदि शो में काम कर चुके वृदम ने बताया कि फिल्म के क्रिएटिव प्रोड्यूसर और डायरेक्टर दीपक मिश्रा होंगे।
बताया कि आपदा में फंसे दिल्ली के दंपति से बात की तो उन्होंने आपदा का वह भयानक मंजर बयां किया। कैसे वे लोग यहां से निकले और उन्होंने अनुभव भी शेयर किया। इसी को लेकर फिल्म बनाई जा रही है। फिल्म में मुख्य भूमिका में वृदम दिखेंगे। हीरोइन की तलाश की जा रही है। बताया कि फिल्म की शूटिंग जून के अंतिम माह से होग!
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