घर से भागकर घूमने निकले तीन किशोर हरिद्वार घूमने के बाद गलत बस पकड़कर पठानकोट पहुंच गए थे। सफर के दौरान उन्होंने नौ हजार रुपये भी खर्च कर डाले।
हालांकि बच्चों को घर से भागने का कोई मलाल नहीं है। दिल के कलेजों को सकुशल देखकर परिजनों के खुशी के आंसू छलक आए।
बीते 2 अप्रैल की शाम प्रीत विहार कालोनी निवासी तीन किशोर घर से भाग गए।
दो चौथी कक्षा के छात्र थे जबकि एक पढ़ाई नहीं करता था। आरोप था कि एक किशोर घर से 57 हजार रुपये की नकदी और जेवर भी साथ ले गया था। रविवार को परिजनों और ग्रामीणों ने सीओ सिटी राजेश भट्ट से मिलकर बच्चों की बरामदगी की मांग की थी। मंगलवार को तीनों पठानकोट के थाना नंबर 1 क्षेत्र में पुलिस को मिले।
जिसके बाद परिजन वहां जाकर तीनों को साथ ले आए। एक किशोर ने बताया कि तीनों ने एक साथ हरिद्वार घूमने का प्लान बनाया था। हरिद्वार घूमने के बाद वे घर आने को बस में बैठे थे, लेकिन पठानकोट पहुंच गए। घर से वह 57 हजार रुपये ले गया था, जिनमें से 9 हजार रुपये खर्च हो गए।
किशोर ने अपने पिता के नंबर पर फोन कर पठानकोट में होने की जानकारी दी थी। जिसके बाद परिजन उन्हें अपने साथ ले आए। हालांकि बच्चे इतनी तल्खी से जवाब दे रहे थे कि जैसे उन्होंने कुछ गलत किया ही न हो।
रम्पुरा चौकी इंचार्ज इंचार्ज कुलदीप अधिकारी ने बताया कि एक किशोर से 48 हजार रुपये की नकदी और जेवर बरामद हो गए हैं। लेकिन चिंता का कारण है कि छोटी की उम्र में बच्चों के दिमाग में घर से भागने का ख्याल कैसे आ गया।
हालांकि बच्चों को घर से भागने का कोई मलाल नहीं है। दिल के कलेजों को सकुशल देखकर परिजनों के खुशी के आंसू छलक आए।
बीते 2 अप्रैल की शाम प्रीत विहार कालोनी निवासी तीन किशोर घर से भाग गए।
दो चौथी कक्षा के छात्र थे जबकि एक पढ़ाई नहीं करता था। आरोप था कि एक किशोर घर से 57 हजार रुपये की नकदी और जेवर भी साथ ले गया था। रविवार को परिजनों और ग्रामीणों ने सीओ सिटी राजेश भट्ट से मिलकर बच्चों की बरामदगी की मांग की थी। मंगलवार को तीनों पठानकोट के थाना नंबर 1 क्षेत्र में पुलिस को मिले।
जिसके बाद परिजन वहां जाकर तीनों को साथ ले आए। एक किशोर ने बताया कि तीनों ने एक साथ हरिद्वार घूमने का प्लान बनाया था। हरिद्वार घूमने के बाद वे घर आने को बस में बैठे थे, लेकिन पठानकोट पहुंच गए। घर से वह 57 हजार रुपये ले गया था, जिनमें से 9 हजार रुपये खर्च हो गए।
किशोर ने अपने पिता के नंबर पर फोन कर पठानकोट में होने की जानकारी दी थी। जिसके बाद परिजन उन्हें अपने साथ ले आए। हालांकि बच्चे इतनी तल्खी से जवाब दे रहे थे कि जैसे उन्होंने कुछ गलत किया ही न हो।
रम्पुरा चौकी इंचार्ज इंचार्ज कुलदीप अधिकारी ने बताया कि एक किशोर से 48 हजार रुपये की नकदी और जेवर बरामद हो गए हैं। लेकिन चिंता का कारण है कि छोटी की उम्र में बच्चों के दिमाग में घर से भागने का ख्याल कैसे आ गया।
No comments:
Post a Comment