एक तरफ एनजीटी लगातार गंगा को स्वच्छ बनाए रखने के लिए प्रशासन को निर्देश रहा है और दूसरी ओर उत्तराखंड में गंगा तटों को वॉशिंग सेंटर बनाया जा रहा है।
टिहरी जिला प्रशासन की लापरवाही के चलते खारास्रोत में गंगा तट पर अनधिकृत रूप से वाहनों का जमावड़ा लगा हुआ है। यहां पहले राफ्टिंग संचालकों ने अपने वाहन खड़े किए और अब बाहर से राफ्टिंग के लिए आने वाले पर्यटकों के वाहन भी गंगा तट पर पार्क कराए जा रहे हैं।
इन वाहनों की धुलाई भी गंगा में ही हो रही है। लेकिन टिहरी प्रशासन मामला संज्ञान में होने के बावजूद कार्रवाई नहीं की जा रही। यह स्थिति तब है जब एनजीटी ने गंगा स्वच्छता को लेकर प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
ऋषिकेश के मुनिकीरेती क्षेत्र में गंगा के तटों को राफ्टिंग संचालकों और साहसिक खेल के शौकीनों ने मनमानी का अड्डा बना दिया है। यहां खारास्रोत नदी के गंगा तट पर पहले राफ्टिंग संचालकों ने अपने वाहन अनधिकृत रूप से पार्क करने शुरू किए।
इसके बाद निजी वाहनों से यहां रिवर राफ्टिंग का लुत्फ उठाने के लिए आने वाले पर्यटकों के वाहन भी नदी किनारे ही खड़े किए जाने लगे। इससे गंगा का तट अनधिकृत रूप से आड़े तिरछे वाहनों की पार्किंग बनकर रह गया है।
अवशेष कचरा छोड़ देते हैं पर्यटक

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