Thursday, 7 April 2016

कल से नवरात्र शुरू, घट स्थापना के लिए ये समय है शुभ

आठ अप्रैल को नवसंवत्सर के साथ चैत्र नवरात्र प्रारंभ हो रहे हैं। इन नवरात्र को वासंती नवरात्र कहा गया है।


shubh muhurat for navratri ghatasthapana


घर-घर देवी भागवत के पाठ बैठाए जाएंगे और कलश स्थापना होगी। घट स्थापन के लिए अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12.06 से दोपहर 1.03 बजे तक रहेगा। चैत्र नवरात्र के नौ दिनों में घर-घर भगवती आराधना की जाती है। पहले नवरात्र को नौ दिन चलने वाले नवान्ह पारायण शुरू होंगे।

अनेक जगह रामचरित मानस कथाएं भी प्रारंभ होंगी। पंचपुरी के मनसा देवी, चंडी देवी, सुरेश्वरी देवी तथा अधिष्ठात्री माया देवी के मंदिरों में अनेक अनुष्ठान होंगे। सुरेश्वरी देवी मंदिर में शत चंडी यज्ञ प्रारंभ हो रहा है।


नवरात्र समापन पर अष्टमी और नवमी को अनेक भंडारों का आयोजन धर्मनगरी में किया जाएगा। शारदीय नवरात्रों की भांति वासंती नवरात्र में घरों में जौ बोने की परंपरा हरिद्वार में नहीं है।

ज्योतिषाचार्य आचार्य नितिन शुक्ला के अनुसार प्रथम नवरात्र को वैधृति योग प्रात: 10.44 तक रहेगा। यह योग रहने तक घट स्थापना नहीं करनी चाहिए। घट स्थापना के लिए अभिजीत मुहूर्त सबसे श्रेष्ठ है।

यदपि प्रात: 10.44 बजे के बाद कभी भी घट स्थापना की जा सकती है। नवरात्र में व्रत रखने का विशेष फल प्राप्त होता है।

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