शायद यह पहला ऐसा नगर होगा जहां सड़क के एक ओर पत्थरों और दूसरी ओर बजरी का ढेर लगा हो। निर्माण सामग्री उतारने वालों को यह भी मालूम नहीं रहता कि इससे यातायात प्रभावित होगा। पत्थरों से टकराकर दुर्घटना होगी, बजरी में कोई भी वाहन फिसल सकता है। पैदल चलने वालों के लिए खतरा हो सकता है।
पुलिस-प्रशासन हर बार सड़कों के किनारे निर्माण सामग्री डालने वालों के खिलाफ कार्रवाई की बात तो करता है, लेकिन इस पर कभी अमल नहीं होता। इसी कारण लोगों को प्रोत्साहन मिलता जा रहा है। नगर के जीआईसी रोड, टकाना, धारचूला रोड, कैंट रोड समेत सभी इलाकों में सड़क किनारे रखी निर्माण सामग्री रोज नजर आती है। इन रास्तों से अक्सर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी जाते रहते हैं, लेकिन कभी भी उन्होंने एक मिनट के लिए रुककर पूछताछ करने की जरूरत भी नहीं समझी।
पोल और सरिया लदे ट्रक घुस आते हैं नगर में
वैसे तो सरिया और पोल जैसी सामग्री को किसी भी वाहन से बाहर लटकाकर ले जाना गैरकानूनी है, लेकिन यहां पर यह सब कुछ जानते हुए भी नगर में ऐसे वाहन अक्सर घुस आते हैं। अब तक पुलिस ने इस तरह के किसी वाहन चालक का चालान नहीं किया है। पुलिस चेकिंग अभियान जरूर चलाती है, लेकिन उसकी नजर ओवरलोडिंग और कागजात चेक करने में ही रहती है। नगर में खतरनाक तरीके से सामान लादकर आने वाले वाहनों को कभी नहीं रोका जाता।

सड़क किनारे मलबा डालने से बाज नहीं आते लोग
अब जिला मुख्यालय को जोड़ने वाली कोई भी सड़क ऐसी नहीं बची है जिसके किनारे मिट्टी और मलबे के ढेर नहीं लगे हों। पहले लोगों ने रात के समय चंडाक रोड पर मिट्टी के ढेर लगाना शुरू किया। फिर हवाईपट्टी वाली रोड पकड़ी। अब वह ऐंचोली से आगे घाट की तरफ जाने वाली रोड को निशाना बना रहे हैं। इस तरह की अंधेरगर्दी से नाराज लोगों ने एसडीएम अनुराग आर्य को ज्ञापन सौंपा। कहा कि रात के समय जो ट्रक मिट्टी और मलबा डालने जाते हैं उनको सीसीटीवी में चेक किया जाए। ज्ञापन देने वालों में अधिवक्ता संस्था के अध्यक्ष मोहन चंद्र भट्ट, जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मी भट्ट, समाजसेवी राजेंद्र भट्ट, सभासद भुवन जोशी शामिल थे। एसडीएम ने ऐसे लोगों को चिन्हित करने और मलबा हटाने का खर्च वसूलने का एलान किया है।
इसी कारण हुआ एक पुलिसकर्मी सस्पेंड
ऐंचोली पुलिस चौकी में कार्यरत कांस्टेबल को एसपी ने इसी कारण सस्पेंड किया कि उसने रात के समय ऐंचोली से नीचे सड़क के किनारे मिट्टी फेंकने जा रहे ट्रक को रोका नहीं। एसपी रोशन लाल शर्मा ने बताया कि इस रोड पर रात आठ बजे के बाद वाहनों का संचालन प्रतिबंधित है, लेकिन मिट्टी डालने वाले रात दस बजे के बाद हरकत में आते हैं। इन सभी को सीसीटीवी रिकार्ड के अनुसार चिन्हित किया जा रहा है।
पुलिस-प्रशासन हर बार सड़कों के किनारे निर्माण सामग्री डालने वालों के खिलाफ कार्रवाई की बात तो करता है, लेकिन इस पर कभी अमल नहीं होता। इसी कारण लोगों को प्रोत्साहन मिलता जा रहा है। नगर के जीआईसी रोड, टकाना, धारचूला रोड, कैंट रोड समेत सभी इलाकों में सड़क किनारे रखी निर्माण सामग्री रोज नजर आती है। इन रास्तों से अक्सर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी जाते रहते हैं, लेकिन कभी भी उन्होंने एक मिनट के लिए रुककर पूछताछ करने की जरूरत भी नहीं समझी।
पोल और सरिया लदे ट्रक घुस आते हैं नगर में
वैसे तो सरिया और पोल जैसी सामग्री को किसी भी वाहन से बाहर लटकाकर ले जाना गैरकानूनी है, लेकिन यहां पर यह सब कुछ जानते हुए भी नगर में ऐसे वाहन अक्सर घुस आते हैं। अब तक पुलिस ने इस तरह के किसी वाहन चालक का चालान नहीं किया है। पुलिस चेकिंग अभियान जरूर चलाती है, लेकिन उसकी नजर ओवरलोडिंग और कागजात चेक करने में ही रहती है। नगर में खतरनाक तरीके से सामान लादकर आने वाले वाहनों को कभी नहीं रोका जाता।
सड़क किनारे मलबा डालने से बाज नहीं आते लोग
अब जिला मुख्यालय को जोड़ने वाली कोई भी सड़क ऐसी नहीं बची है जिसके किनारे मिट्टी और मलबे के ढेर नहीं लगे हों। पहले लोगों ने रात के समय चंडाक रोड पर मिट्टी के ढेर लगाना शुरू किया। फिर हवाईपट्टी वाली रोड पकड़ी। अब वह ऐंचोली से आगे घाट की तरफ जाने वाली रोड को निशाना बना रहे हैं। इस तरह की अंधेरगर्दी से नाराज लोगों ने एसडीएम अनुराग आर्य को ज्ञापन सौंपा। कहा कि रात के समय जो ट्रक मिट्टी और मलबा डालने जाते हैं उनको सीसीटीवी में चेक किया जाए। ज्ञापन देने वालों में अधिवक्ता संस्था के अध्यक्ष मोहन चंद्र भट्ट, जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मी भट्ट, समाजसेवी राजेंद्र भट्ट, सभासद भुवन जोशी शामिल थे। एसडीएम ने ऐसे लोगों को चिन्हित करने और मलबा हटाने का खर्च वसूलने का एलान किया है।
इसी कारण हुआ एक पुलिसकर्मी सस्पेंड
ऐंचोली पुलिस चौकी में कार्यरत कांस्टेबल को एसपी ने इसी कारण सस्पेंड किया कि उसने रात के समय ऐंचोली से नीचे सड़क के किनारे मिट्टी फेंकने जा रहे ट्रक को रोका नहीं। एसपी रोशन लाल शर्मा ने बताया कि इस रोड पर रात आठ बजे के बाद वाहनों का संचालन प्रतिबंधित है, लेकिन मिट्टी डालने वाले रात दस बजे के बाद हरकत में आते हैं। इन सभी को सीसीटीवी रिकार्ड के अनुसार चिन्हित किया जा रहा है।
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