Wednesday, 6 April 2016

उत्तराखंड की राजनैतिक दिशा तय करेगा हाईकोर्ट का फैसला

उत्तराखंड हाईकोर्ट में बुधवार का दिन उत्तराखंड की राजनीति के लिए बेहद अहम है। बुधवार को राज्य की राजनीति को प्रभावित करने वाला फैसला आना है।


nainital high court decision on uttarakhand president rule


निर्णय जो भी हो, इसे लेकर राज्य के नेताओं, अफसरों, अधिवक्ताओं सहित आम जनता में भी भारी उत्सुकता है। प्रदेश ही नहीं बल्कि देश भर की निगाहें इस फैसले की ओर लगी हैं। प्रदेश में 18 मार्च से उपजे राजनीतिक हालातों तथा परिस्थितियों में राष्ट्रपति शासन की वैधता के मामले में यह निर्णय एक नजीर बनना तय है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभिन्न जगहों से मीडियाकर्मी यहां पहुंचने लगे हैं।

मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ एवं न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की संयुक्त खंडपीठ के समक्ष राज्य में अनुच्छेद 356 के तहत राष्ट्रपति
शासन गलत तरीके से लगाने और राज्य वित्त विधेयक पास होने के बावजूद सरकार निरस्त कर केंद्रीय वित्त विधेयक लागू
करने को लेकर अंतिम बहस होनी तय हुई है।
बता दें कि उत्तराखंड में कांग्रेस विधायकों के बागी तेवरों के साथ शुरू हुई राजनैतिक उठापठक ने गंभीर संवैधानिक संकट की
स्थिति पैदा कर दी है। इस प्रकरण पर पूर्व मुख्यमंत्री, बागी विधायकों सहित विभिन्न पक्षों की ओर से हाईकोर्ट में आठ दिन
के भीतर सात याचिकाएं दायर की जा चुकी हैं।

उत्तराखंड के इतिहास पहली बार इतने कम  दिनों में एक ही प्रकरण पर इतनी याचिकाएं दायर हुईं।

अवकाश के बावजूद सुनवाई हुई और इस अल्प अवधि में केंद्रीय सॉलिसिटर जनरल, पूर्व केंद्रीय कानून मंत्री सहित देश के जाने माने अधिवक्ताओं ने यहां आकर मामले में बहस की। इस दौरान यहां वरिष्ठ अधिवक्ताओं, नेताओं और मीडिया कर्मियों का जमावड़ा लगा रहा।

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