राष्ट्रपति शासन के दौरान प्रशासन के अधिकारी नियमों की धज्जियां उड़ाने में सबसे आगे हैं. जिन प्रशासन के अधिकारियों ने दूसरों को नियम कायदों के पाठ पढ़ाना था, वहीं नियमों को तार तार कर रहे हैं.
तीर्थनगरी की ऋषिकेश तहसील के नायब तहसीलदार शहर में मजिस्ट्रेट बन तहसीलदार का बार्ड लगाए घूम रहे हैं. ऐसें में इन अधिकारियों की ओर से नियम कानून की कैसे रक्षा की जा सकती है, जो कि खुद ही नियमों के बारे में जानकारी नहीं रखते या फिर शहर में लोगों के बीच अपना रूतबा बढ़ाने के लिए सरकारी गाड़ी में उच्च अधिकारियों का बोर्ड लगा घूम रहे है.

हालांकि तहसीलदार छुट्टी पर होने से नायब तहसीलदार आई डी उनियाल तहसीलदार के चार्ज में हो, लेकिन सरकारी गाड़ी के बोर्ड में नायब तहसीलदार का ही बोर्ड होना चाहिए था.
इस बाबत जब ईटीवी ने ऋषिकेश के आरटीओ अनिता चन्दोला से बात की तो उन्होंने कहा कि अगर तहसीलदार गाड़ी में न हो तो बोर्ड निकाल दिया जाना चाहिए और प्रशासन नाम का बोर्ड लगाया जाना चाहिए.
तीर्थनगरी की ऋषिकेश तहसील के नायब तहसीलदार शहर में मजिस्ट्रेट बन तहसीलदार का बार्ड लगाए घूम रहे हैं. ऐसें में इन अधिकारियों की ओर से नियम कानून की कैसे रक्षा की जा सकती है, जो कि खुद ही नियमों के बारे में जानकारी नहीं रखते या फिर शहर में लोगों के बीच अपना रूतबा बढ़ाने के लिए सरकारी गाड़ी में उच्च अधिकारियों का बोर्ड लगा घूम रहे है.
हालांकि तहसीलदार छुट्टी पर होने से नायब तहसीलदार आई डी उनियाल तहसीलदार के चार्ज में हो, लेकिन सरकारी गाड़ी के बोर्ड में नायब तहसीलदार का ही बोर्ड होना चाहिए था.
इस बाबत जब ईटीवी ने ऋषिकेश के आरटीओ अनिता चन्दोला से बात की तो उन्होंने कहा कि अगर तहसीलदार गाड़ी में न हो तो बोर्ड निकाल दिया जाना चाहिए और प्रशासन नाम का बोर्ड लगाया जाना चाहिए.
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