पौड़ी केंद्रीय गढ़वाल विद्यालय परिसर में इस साल बी.कॉम का भी विषय खूल गया हैं, जिसके चलते परिसर के शिक्षकों के साथ-साथ छात्र छात्रों में भी काफी उत्सह हैं. कॉलेज में छात्र-छात्रों की ओर से कई साल से बी. कॉम के विषय को पौड़ी परिसर में खोलने की मांग भी की गई थी. जिसकों देखते हुए आज उनकी ये मांग पूरी हो गई हैं.
इससे पहले पौड़ी से छात्र-छात्रों को बी. कॉम के लिए बहार शहरों के विद्यायलयों का रुक करना पड़ता था, लेकिन अब कॉलेज में विषय खूलने से लोगों को राहत मिली हैं.

वहीं कुलपति जेएल कौल का कहना हैं कि इस विषय को पहले ही खोल दिया जाता, लेकिन कॉलेज में बच्चों की संख्या कम होने के कारण इसे नहीं खोला गया था. साथ ही उन्होंने कहा कि इस विषय में कम से कम 40 छात्र-छात्रायें होनी जरुरी हैं.
वही छात्र संघ ने कॉलेज में नए विषय बी. कॉम के खुलने पर कुलपति जेएल कौल का आभार व्यक्त किया हैं. छात्र संघ का कहना हैं कि यहां पर बी कॉम का विषय नहीं होने से यहां पर छात्र-छात्रों को काफी परेशानियां होती थी और छात्र-छात्रायें बाहर जाकर इस विषय की पढ़ाई करते थे. जिस कारण लोगों को इस विषय से पढ़ाई करना बड़ा महंगा सावित होता था.
छात्र संघ के साथ साथ छात्र-छात्रों नें भी इस पर खुशी जताते हुए कहा कि अब उन्हें कॉलेज में ही सारे विषय मिल पाएगे, जिससे वह अपने भविष्य और भी बेहतर बना पा सकते हैं.
इससे पहले पौड़ी से छात्र-छात्रों को बी. कॉम के लिए बहार शहरों के विद्यायलयों का रुक करना पड़ता था, लेकिन अब कॉलेज में विषय खूलने से लोगों को राहत मिली हैं.
वहीं कुलपति जेएल कौल का कहना हैं कि इस विषय को पहले ही खोल दिया जाता, लेकिन कॉलेज में बच्चों की संख्या कम होने के कारण इसे नहीं खोला गया था. साथ ही उन्होंने कहा कि इस विषय में कम से कम 40 छात्र-छात्रायें होनी जरुरी हैं.
वही छात्र संघ ने कॉलेज में नए विषय बी. कॉम के खुलने पर कुलपति जेएल कौल का आभार व्यक्त किया हैं. छात्र संघ का कहना हैं कि यहां पर बी कॉम का विषय नहीं होने से यहां पर छात्र-छात्रों को काफी परेशानियां होती थी और छात्र-छात्रायें बाहर जाकर इस विषय की पढ़ाई करते थे. जिस कारण लोगों को इस विषय से पढ़ाई करना बड़ा महंगा सावित होता था.
छात्र संघ के साथ साथ छात्र-छात्रों नें भी इस पर खुशी जताते हुए कहा कि अब उन्हें कॉलेज में ही सारे विषय मिल पाएगे, जिससे वह अपने भविष्य और भी बेहतर बना पा सकते हैं.
No comments:
Post a Comment