Monday, 11 April 2016

शनि मंदिर में महिलाओं के प्रवेश से केरल में हुआ हादसा: शंकराचार्य

शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा है कि शनि सिंगणापुर में महिलाओं का प्रवेश होने के बाद ही केरल के मंदिर में भयानक हादसा हुआ है।

इसके साथ ही स्वरूपानंद सरस्वती ने साईं पूजा करने वालों पर भी निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि साईं पूजा करने की वजह से ही महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति आई है।


shankaracharya swaroopanand statement on kollam temple accident.


अपने बयानों के लिए हमेशा चर्चा में रहने वाले स्वरूपानंद सरस्वती के ‌बयान के बाद एक नया विवाद उपजा है। गौरतलब है कि स्वरूपानंद बहुत पहले से साईं पूजा का विरोध कर रहे हैं। इसके लिए उन्होंने बकायदा धर्म संसद भी बुलाई थी। शंकराचार्य का कहना है कि साईं हिंदू देवता नहीं है और हिंदुओं को इनकी पूजा नहीं करनी चाहिए।
ज्योतिष एंव द्वारका शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि शनि और साईं दोनों भगवान नहीं हैं। महाराष्ट्र में शनि और साईं की पूजा होने के कारण ही अकाल की स्थिति पैदा हो गयी है।

उन्होंने कहा कि महिलाएं यदि शनि की पूजा करती हैं तो उनके साथ बलात्कार की घटनाएं बढ़ जाएंगी। सूखा पड़ने का कारण साईं ओर शनि की पूजा करना ही है।

शंकराचार्य ने कहा कि शिरडी में ही जहां साईं की कब्र है वहीं पर लोग पानी की बूंद-बूंद को तरस रहे हैं। यदि साईं में चमत्कार है तो वहां चमत्कार करके दिखाएं। हिन्दूओं को अन्धविश्वाश पर ध्यान नही देना चाहिए।

शंकराचार्य ने कहा कि आज हर मंदिर में साईं की प्रतिमा रखकर हमारे देवी देवताओं का अपमान किया जा रहा है। हमारे मंत्र, ग्रंथ, चालीसा आदि का भी उपहास उड़ाया जा रहा है।

हर चालीसा ओर मंत्र में साईं का उल्लेख नहीं किया जाना चाहिए। साईं के साथ राम का नाम नहीं जोड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को शनि ओर साईं की पूजा न कर उनका विरोध करना चाहिए।

No comments:

Post a Comment