Monday, 11 April 2016

सर्वे रिपोर्टः शिक्षा में केरल को टक्कर दे रहा उत्तराखंड

भले ही हर साल प्राकृतिक आपदाएं उत्तराखंड के सीने पर जख्म देकर जाती हों, लेकिन शिक्षा के मामले में यहां के लोगों का रुझान काफी अच्छा है।

सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की एजुकेशन से जुड़ी नेशनल सैंपल सर्वे रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। प्रदेश के युवाओं ने सर्वाधिक साक्षर केरल को भी पीछे छोड़ दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक उत्तराखंड में

प्रति एक हजार 29 पोस्ट ग्रेजुएट, 78 ग्रेजुएट, 6 डिप्लोमाधारक, 133 बारहवीं पास पुरुष हैं। जबकि केरल में 16 पोस्ट ग्रेजुएट, 62 ग्रेजुएट, 50 डिप्लोमाधारक, 91 बाहरवीं पास पुरुष हैं। महिलाओं की साक्षरता के मामले में हालांकि केरल थोड़ा आगे है।

dehradun giving competition to kerala in education



उत्तराखंड में 19 पोस्ट ग्रेजुएट, 39 ग्रेजुएट, 3 डिप्लोमाधारक, 87 बाहरवीं पास, 121 दसवीं पास महिलाएं हैं, जबकि केरल में 20 पोस्ट ग्रेजुएट, 70 ग्रेजुएट, 40 डिप्लोमाधारक, 108 बारहवीं पास, 136 दसवीं पास महिलाएं हैं।
शिक्षा के तरीकों के हिसाब से देखें तो उत्तराखंड ने यहां भी केरल को टक्कर दी है। उत्तराखंड ग्रामीण क्षेत्रों में प्रति एक हजार 990 लोग सामान्य एजुकेशन वाले हैं, जबकि केरल में यह संख्या 894 है।

उत्तराखंड के शहरी क्षेत्रों में प्रति एक हजार 963 लोग सामान्य एजुकेशन वाले हैं, जबकि केरल में यह संख्या 878 है। हालांकि वोकेशनल एजुकेशन में प्रति एक हजार में उत्तराखंड के ग्रामीण चार, केरल के ग्रामीण 15, उत्तराखंड के शहरी सात और केरल के शहरी 19 हैं।

कोचिंग के नहीं मोहताज
उत्तराखंड की शिक्षा की एक और अहम बात यह सामने आई है कि यहां के प्राइमरी स्तर के बच्चे कोचिंग पर ज्यादा निर्भर नहीं हैं।

प्राइमरी स्तर पर प्रति एक हजार में से 186 छात्र और 144 छात्राएं कोचिंग करती हैं, जबकि केरल में 227 छात्र और 206 छात्राएं कोचिंग करती हैं। अपर प्राइमरी स्तर पर भी उत्तराखंड में 207 छात्र और 39 छात्राएं कोचिंग करती हैं, जबकि केरल में 299 छात्र और 269 छात्राएं कोचिंग पर निर्भर रहती हैं।

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