जिसके चलते लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है.
बारिश में धनपति नदी का जलस्तर बढ़ जाता है. ऐसे में यदि बरसात का मौसम आने तक पुल का निर्माण कार्य पूरा नहीं होता है तो लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं.
डुंडा ब्लॉक के धनारी क्षेत्र में धनपति नदी पर वर्ष 2014 में मोटरपुल का निर्माण कार्य शुरू किया गया था. दो साल से चल रहे निर्माण कार्य की धीमी गति पर लगातार सवाल उठ रहे हैं और ग्रामीण लगातार विभागीय अधिकारियों से पुल का निर्माण कार्य शीघ पूरा कराने की मांग कर रहे हैं.
इस पुल नहीं बनने के कारण धनारी क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांवों को मुख्य बाजार पिपली पहुंचने के लिए 12 किमी की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है.
कोटी धनारी के संजय का कहना है कि धनपति नदी पर बन रहे एक मात्र पुल से लोगों को काफी राहत की आस बनी थी, लेकिन दो साल होने को है, लेकिन अभी तक पुल का निर्माण नहीं हो पाया है.
पिपली के अजय पाल राणा का कहना है कि पिपली से थाती की दूरी मात्र 100 मीटर है लेकिन मोटर पुल नहीं होने से लोगों को देवीधार, ढुंगी से होते हुए 12 किमी की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है.
उल्लेखनीय है कि इस पुल के बनने से पटूड़ी, ढुंगालधार, कलिगांव, थाती, बज्ञालगांव, ईड़, खोल्यगांव, भवान, पिपली, मंजकोट, दिकबिजपुर, कोटी, भाटगांव, धारकोट, मिश्रगांव आदि गांवों का संपर्क जुड़ जाएगा.
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बारिश में धनपति नदी का जलस्तर बढ़ जाता है. ऐसे में यदि बरसात का मौसम आने तक पुल का निर्माण कार्य पूरा नहीं होता है तो लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं.
डुंडा ब्लॉक के धनारी क्षेत्र में धनपति नदी पर वर्ष 2014 में मोटरपुल का निर्माण कार्य शुरू किया गया था. दो साल से चल रहे निर्माण कार्य की धीमी गति पर लगातार सवाल उठ रहे हैं और ग्रामीण लगातार विभागीय अधिकारियों से पुल का निर्माण कार्य शीघ पूरा कराने की मांग कर रहे हैं.
इस पुल नहीं बनने के कारण धनारी क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांवों को मुख्य बाजार पिपली पहुंचने के लिए 12 किमी की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है.
कोटी धनारी के संजय का कहना है कि धनपति नदी पर बन रहे एक मात्र पुल से लोगों को काफी राहत की आस बनी थी, लेकिन दो साल होने को है, लेकिन अभी तक पुल का निर्माण नहीं हो पाया है.
पिपली के अजय पाल राणा का कहना है कि पिपली से थाती की दूरी मात्र 100 मीटर है लेकिन मोटर पुल नहीं होने से लोगों को देवीधार, ढुंगी से होते हुए 12 किमी की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है.
उल्लेखनीय है कि इस पुल के बनने से पटूड़ी, ढुंगालधार, कलिगांव, थाती, बज्ञालगांव, ईड़, खोल्यगांव, भवान, पिपली, मंजकोट, दिकबिजपुर, कोटी, भाटगांव, धारकोट, मिश्रगांव आदि गांवों का संपर्क जुड़ जाएगा.
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